अगर आप अपनी कमर के निचले हिस्से से पैर तक बिजली के झटके जैसा तेज़ दर्द महसूस कर रहे हैं, तो आप जानते हैं कि सायटिका (Sciatica) सिर्फ एक सामान्य पीठ दर्द नहीं है। यह काफी कष्टदायक हो सकता है, जिससे बैठना, खड़े होना या सोना भी मुश्किल हो जाता है।
अच्छी खबर यह है कि हालांकि यह दर्द बहुत तेज़ होता है, लेकिन सायटिका के अधिकतर मामलों को घर पर ही ठीक किया जा सकता है। यहाँ विज्ञान पर आधारित कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप दर्द में राहत पा सकते हैं !

1. खास स्ट्रेचिंग और कसरत
दर्द होने पर अक्सर हमारा मन बिस्तर पर लेटे रहने का करता है। लेकिन, दबी हुई नस के लिए हल्की हलचल ही सबसे अच्छी दवा है।
- रिक्लाइंड पिजन पोज़ (Reclined Pigeon Pose): यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें कूल्हों की मांसपेशियों में खिंचाव की वजह से दर्द होता है। पीठ के बल लेट जाएं, अपने दाहिने टखने को बाएं घुटने पर रखें और धीरे से अपनी बाईं जांघ को छाती की ओर खींचें।
- न्यूरल फ्लॉसिंग (Neural Flossing): इसे आप नस की “सफाई” जैसा समझ सकते हैं। बैठते समय, धीरे-धीरे अपने घुटने को सीधा करें और छत की ओर देखें, फिर घुटने को मोड़ते हुए अपनी ठुड्डी को छाती से लगाएं।
- कैट-काऊ स्ट्रेच (Cat-Cow Stretch): यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और कशेरुकाओं (vertebrae) के बीच जगह बनाने में मदद करता है।


2. सिकाई का सही तरीका (ठंडा और गरम)
तापमान का सही इस्तेमाल दर्द को कम करने का सबसे सस्ता और प्रभावी तरीका है।
- पहला चरण: बर्फ (शुरुआती 48 घंटे): हर कुछ घंटों में 15 मिनट के लिए आइस पैक का उपयोग करें। यह सूजन को कम करता है।
- दूसरा चरण: गर्मी (48 घंटे बाद): जब तेज़ दर्द थोड़ा कम हो जाए, तो हीटिंग पैड का उपयोग करें। गर्मी से उस हिस्से में खून का बहाव बढ़ता है, जिससे घाव भरने में मदद मिलती है और मांसपेशियों की ऐंठन कम होती है।

3. उठने-बैठने के तरीके में बदलाव
अक्सर गलत तरीके से बैठने से यह समस्या और बढ़ जाती है। कुछ छोटे बदलाव आपकी रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम कर सकते हैं:
- कमर का सहारा (Lumbar Support): यदि आपकी कुर्सी में कमर के लिए घुमाव नहीं है, तो एक छोटे तौलिये को रोल करके अपनी कमर के निचले हिस्से के पीछे रखें।
- तकिये का सही इस्तेमाल:
- करवट लेकर सोने वाले: अपने घुटनों के बीच एक सख्त तकिया रखें।
- पीठ के बल सोने वाले: पीठ को सीधा रखने के लिए घुटनों के नीचे तकिया रखें।

4. खान-पान पर ध्यान दें
चूंकि सायटिका का दर्द सूजन (inflammation) की वजह से होता है, इसलिए आपका खान-पान बहुत मायने रखता है।
- मैग्नीशियम से भरपूर भोजन: यह मांसपेशियों को आराम देता है। पालक, कद्दू के बीज और डार्क चॉकलेट खाएं।
- हल्दी और अदरक: इनमें प्राकृतिक गुण होते हैं जो दर्द निवारक दवाओं की तरह काम करते हैं।
- भरपूर पानी पिएं: हमारी रीढ़ की डिस्क (discs) का बड़ा हिस्सा पानी है। पर्याप्त पानी पीने से ये डिस्क लचीली बनी रहती हैं।

5. डॉक्टर की सलाह कब लें?
हालांकि घरेलू देखभाल से राहत मिल जाती है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है:
- यदि दर्द 4 सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे।
- यदि आपको “ड्रॉप फुट” (पैर का अगला हिस्सा उठाने में कठिनाई) महसूस हो।
- यदि दर्द किसी चोट या एक्सीडेंट के बाद शुरू हुआ हो।
- इमरजेंसी: यदि आपको निजी अंगों के आसपास सुन्नपन महसूस हो या पेशाब/शौच पर नियंत्रण न रहे, तो तुरंत डॉक्टर के पास
Dr. Payal Sharma, Sr. Consultant Physiotherapist, Dr Payal Physiotherapy Clinic, Jaipur, Rajasthan-302021. Contact No-9680302255